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समस्या आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में डेट ऑफ बर्थ अलग-अलग होने से अपार आईडी में नहीं जुड़ पा रहे बच्चों के नाम, स्कूल संचालकों ने अपना काम पालको पर थोपा, जानकारी के अभाव में भटक रहे पालक, सुबह से लग रही आधार केन्द्रो पर लाइन

शनिवार, 1 मार्च 2025

समस्या आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र में डेट ऑफ बर्थ अलग-अलग होने से अपार आईडी में नहीं जुड़ पा रहे बच्चों के नाम, स्कूल संचालकों ने अपना काम पालको पर थोपा, जानकारी के अभाव में भटक रहे पालक, सुबह से लग रही आधार केन्द्रो पर लाइन


 भुवनेश्वर व्यास बच्चों के साथ 

 शपथ पत्र के बाद भी नहीं हो पाया काम 


शिवपुरी। मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूल में बच्चों की अपार आई अनिवार्य की है जो कि बच्चो की एक विशिष्ट पहचान खंख्या का काम करेगी जिससे उनकी शैक्षिक प्रगति को ट्रैक किया जा सके। प्रदेश सरकार का इस प्रणाली को लागू करने का मुख्य उद्देशय छात्रो के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। जिसे बनवाने की जिम्मेदारी वैसे तो स्कूल प्रशासन की है लेकिन इसे बनवाने के लिए छात्रो के माता- पिता को भटकना पड रहा है वही दूसरी समस्या छात्रो के आधार और जन्म प्रमाण में भिन्नता होने की वजह से खडी हो रही है इसकी वजह से पालको को जिले भर में आधार केन्द्रो के प्रतिदिन चक्कर लगाना पड रहे है।

बेटे की अपार आई के लिए 2 माह से परेशान किसान
भुवनेश्वर व्यास ग्राम टोरिया तहसील बैराड़ ने बताया कि मेरे बेटे का जन्म प्रमाण पत्र में नाम विनायक व्यास है और जन्म दिनांक 29/11/2017 परंतु आधार कार्ड में नाम कान्हा शर्मा और जन्म दिनांक 2015 है, पता नहीं प्रारंभ में आधार कार्ड बनाने वाले ने किस प्रमाण पत्र से यह नाम,डेट और जन्म दिनांक लिखी थी। मेरे बेटे विनायक का नाम स्कूल अपार आईडी में नहीं चढ़ पा रहा न ही छोटा -बड़ा खाता खुल पा रहा जिसका सुधार करने के लिए में 1 महीने से आधार केंद्रों के चक्कर लगा रहा हूं 2 बार पोहरी एसबीआई बैंक के आधार केंद्र पर जा चुका हूं 2 बार शिवपुरी पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा आया हूं हर बार कोई न कोई नया डॉक्यूमेंट लाने की बोल देते है और में देता गया चूंकि बैराड़ तहसील में कोई आधार केंद्र नहीं है इसलिए ब्लॉक और जिले में सुधार होना जरुरी है।  मेरे जैसे कई लोग हैं जो इसी तरह लाइन में लगे रहने के बाबजूद काम नहीं करा पा रहे है और प्रतिदिन कई किलो मीटर से किराया खर्च कर केन्द्रो तक पहुच रहे है।

आपने कहा
अपार आई बनवाने का काम स्कूल वालो का है अगर कुछ बच्चो के आधार और जन्म प्रमाण में भिन्नता है तो आधार के लिए शहर में पोस्ट ऑफिस लोक सभा केन्द्र बैक है ग्रामीण वालो के लिए लोक सभा केन्द्र है जन्म प्रमाण में शहर के लोगो के लिए नगर पालिाक ग्रमीण वाले के लिए लोकसभा केन्द्र है
मलखान लोधाी पोस्ट मेनेजर

आपने कहा
अपार आईडी बनवाने की जिम्मेदारी स्कूल और पालको दोनो की बनती है अगर कुछ बच्चो के आधार और जन्म में भिन्नता है तो पालक तय करे की आधार आधार सही है या जन्म प्रमाण उसके उसमें चेंजिग करा सकते है ग्रामीण स्तर पर तहसीलो में और कियोस्क सेंटरो पर शहरी क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस और लोक सभा केन्द्र में अपडेट करा सकते है।
समर सिंह राठौर डीईओ

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